एक आदमी एकटा सलाई केर डिब्बा कीनलक आ ओकर पहिल काठी जरेलक, ओ नहिँ जरल। दोसर काठी जरेलक ओहो नहिँ जरल। तेसर काठी जरेलक ओहो नहिँ जरल। ओ तंग भऽ गेल छल। अंतिम कोशिश करैत ओ चारिम काठी जरेलक , ओ जरि गेल। खुश भऽ कऽ ओ आदमी अपना आप सऽ कहलक जे, ' इ काठी तऽ जरि गेल, एकरा हम बाद मे उपयोगक लेल राखि लैत छी।'
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