शनिवार, 1 दिसंबर 2012

हमर कारी कोट!

कंजूस पिताजी अपन बेटा से कहलैथ, 'हमर अंतिम इच्छा अछि जे आहां पैघ भऽ कऽ ओकील बनी।'
बेटा : से कियैक पिताजी ?
पिताजी : ओ एहि दुआरे की हमर कारी कोट अहांक काज आबि जाय।

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